भारी बारिश के चलते सोनभद्र में 25 अगस्त को बंद रहेंगे कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल

जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, शिक्षक विद्यालय पहुंचकर विभागीय कार्य करेंगे


सोनभद्र। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुक्रम में 25 अगस्त 2026 को जनपद के कक्षा 1 से 8 तक संचालित सभी विद्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सोनभद्र की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि यह व्यवस्था परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा सभी बोर्ड के विद्यालयों पर लागू होगी। भारी वर्षा के दृष्टिगत विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में होने वाली संभावित परेशानी और सुरक्षा संबंधी जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने एक दिन के लिए विद्यालयों में पठन-पाठन स्थगित करने का फैसला लिया है।


विद्यार्थियों को विद्यालय आने की जरूरत नहीं


आदेश के अनुसार 25 अगस्त को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाया नहीं जाएगा। जिला प्रशासन ने मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।


शिक्षक विद्यालय में रहकर करेंगे विभागीय कार्य


विद्यालय बंद रहने के बावजूद शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी शिक्षक अपने विद्यालय में उपस्थित होकर विभागीय कार्यों का संपादन यथावत करते रहेंगे। शिक्षकों को विशेष रूप से अपार आईडी, डीबीटी, यू-डायस एवं अन्य विभागीय कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश


जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों और विद्यालय प्रबंधन को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय बंद रखने का निर्णय केवल विद्यार्थियों के लिए है, जबकि शिक्षकों की उपस्थिति और विभागीय कार्य पूर्ववत जारी रहेंगे।
भारी बारिश के बीच जिला प्रशासन के इस निर्णय से कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को राहत मिली है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

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