1.5 किमी मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण को मिली हरी झंडी, डीएम ने अधिकारियों को लंबित मामलों के निस्तारण की दी सख्त हिदायत
रिपोर्ट : मदन मोहन चंदौली, 24 सितंबर। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं, सड़क, बिजली, जलनिकासी और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस दौरान डीएम ने अधिकारियों के ढीले रवैये पर नाराजगी जताते हुए अगली बैठक से पहले सभी लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 के मुख्य मार्ग तथा अलीनगर-सिधीताली-जोगवा-नरायनपुर मार्ग के करीब 1.5 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण की योजना पर सहमति बनी। इसके लिए करीब 1503.05 लाख रुपये यानी लगभग 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को शासन स्तर से बजट एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के निर्देश दिए।
नीचे आए हाईटेंशन तार, हादसे की आशंका पर डीएम सख्त
रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में नई सीसी रोड बनने के बाद सड़क का स्तर ऊंचा होने से ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार अपेक्षाकृत नीचे आ गए हैं। उद्यमियों की ओर से दुर्घटना की आशंका जताए जाने पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता और यूपीसीडा के अधिकारियों को तत्काल समन्वय बनाकर तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर ले जाने के निर्देश दिए।
आठ पार्कों के कायाकल्प की बनेगी डीपीआर
औद्योगिक क्षेत्र के विभिन्न पार्कों में जलजमाव और रखरखाव की समस्या को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने यूपीसीडा को आठ प्रमुख पार्कों के सुंदरीकरण, जलनिकासी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तय समयसीमा में कार्य पूरा कराने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि औद्योगिक विकास और उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। बिजली विभाग, पीडब्ल्यूडी और यूपीसीडा आपसी समन्वय से समस्याओं का समाधान करें। एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के बजाय अधिकारी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बैठक तक लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

