औड़ी दुराशनी मंदिर में श्री विष्णु रामलीला समिति एवं नाट्य कला परिषद द्वारा रामलीला का भव्य शुभारंभ

चेयरमैन अनपरा विश्राम प्रसाद वैसवार ने फीता काटकर किया उद्घाटन,नारद मोह प्रसंग के मंचन के साथ रामलीला का हुआ आगाज

अनपरा सोनभद्र। क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक आयोजनों की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाते हुए श्री विष्णु रामलीला समिति एवं नाट्य कला परिषद की ओर से औड़ी स्थित दुरासनी मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला का भव्य शुभारंभ किया गया। रामलीला का उद्घाटन मुख्य अतिथि अध्यक्ष नगर पंचायत अनपरा विश्राम प्रसाद वैसवार ने फीता काटकर व भगवान श्री राम के आरती के साथ किया। इस अवसर पर धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। रामलीला के शुभारंभ के साथ ही भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा पर आधारित लीलाओं के मंचन का सिलसिला शुरू हो गया।
रामलीला के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित लोगों ने इस पारंपरिक धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। इसके माध्यम से समाज को धर्म, सत्य, त्याग, कर्तव्य, मर्यादा और आदर्श जीवन के मूल्यों से परिचित होने का अवसर मिलता है। रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है।
नारद मोह प्रसंग से हुआ रामलीला का आगाज
रामलीला के प्रथम दिन नारद मोह प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से इस पौराणिक प्रसंग को जीवंत रूप देने का प्रयास किया। मंचन के दौरान भगवान की लीला, देवर्षि नारद के प्रसंग और भगवान विष्णु की महिमा से जुड़ी कथा को प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने धार्मिक भाव के साथ रामलीला का आनंद लिया।
नारद मोह प्रसंग रामलीला के प्रमुख प्रारंभिक प्रसंगों में से एक माना जाता है। इस कथा के माध्यम से अहंकार से दूर रहने, ईश्वर की महिमा को समझने और जीवन में विनम्रता बनाए रखने का संदेश मिलता है। कलाकारों की प्रस्तुति के जरिए दर्शकों को पौराणिक कथा से जुड़ने का अवसर मिला।
धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने की पहल
श्री विष्णु रामलीला समिति एवं नाट्य कला परिषद, औड़ी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। रामलीला जैसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं। साथ ही बच्चों, युवाओं और अन्य दर्शकों को भगवान श्रीराम के आदर्शों तथा भारतीय संस्कृति की विशेषताओं से परिचित कराते हैं।
भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, न्याय, त्याग, कर्तव्यपालन और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। रामलीला के माध्यम से इन आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। यही कारण है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रामलीला के आयोजन आज भी लोगों की आस्था और आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।इस अवसर पर राम नरेश वैसवार,पवन कुमार,सिद्धनाथ दुबे,अनिल कुमार,अरुण कुमार,रवि कुमार,समिति के अध्यक्ष मनीराम वैसवार, कोषाध्यक्ष केवला प्रसाद,उपाध्यक्ष बृज बिहारी यादव,प्रेम चंद यादव,श्री राम सोनी,राम रक्षा तिवारी संचालन सचिव दशा राम यादव ने किया।

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