
वही मीडिया पड़ताल में उतर गया शराफत का चोला प्रबंधक के ऊपर अपहरण से लेकर 419,420 एससी एसटी कई मुकदमा पंजीकृत
समाचार पत्र में छपी खबर के बाद प्रबंधक ने अधिवक्ता के माध्यम से भेजा विधिक नोटिस।
नोटिस में स्वयं को बताया सम्मानित व्यक्ति इज्जतदार और पता नहीं क्या-क्या।
(प्रवीण तिवारी)अम्बेडकर नगर : जब उस सम्मानित प्रबंधक के बारे में गहनता से जांच की गई तो पता चला कि केवल आलापुर थाने में उसके विरुद्ध तीन आपराधिक मुकदमे हैं जिसमें एक 419, 420 की धारा में जिसे समझ में बहुत ही तुच्छ दृष्टि से देखा जाता है। दूसरा एससी-एसटी का है। तीसरा मुकदमा अपहरण जैसे जघन्य अपराध की धारा में दर्ज है। ऐसे अपराधी भी खुद को सम्मानित व्यक्ति बताते हैं और अधिवक्ता लोग उसे सम्मानित बताते हुए विधिक नोटिस भी भेज देते हैं कि माफी मांगे वरना आपके विरुद्ध न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।अगर तीन तीन आपराधिक मुकदमे वाले व्यक्ति सम्मानित हैं तो अपराधी कौन होगा। ऐसे लोगों को पुलिस प्रशासन द्वारा ही बढ़ावा दिया जाता है जब कोई व्यक्ति एक अपराध करते हुए पकड़ लिया जाए तो उसे दूसरा अपराध करने का अवसर ही नहीं दिया जाना चाहिए परंतु प्राया देखा गया है कि अपराधियों की हिस्ट्री सीट बनती रहती है अनेकों मुकदमे होने के बाद भी वह खुलेआम अपराध करते हैं और समाज में अपने आप को सम्मानित भी बताते हैं। समाचार पत्र वाले भी ऐसे अपराधियों को संरक्षण देकर उनके विज्ञापन निकाला करते हैं कि यह सम्मानित व्यक्ति हैं और उनके फ्राड का भी विज्ञापन निकाल कर जनता को ठगने में सहयोग प्रदान करते हैं

