शबरोज़ मलिक
श्रीनगर, 10 मार्च: ईरान के संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए भारत सरकार से की गई अपील के बाद देश भर के परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
यहां जारी एक बयान में, प्रेस सचिव ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से ईरानी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
बयान में कहा गया है कि चल रहे संघर्ष के कारण ईरान के कुछ हिस्सों में सुरक्षा स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में भारतीयों सहित विदेशी छात्रों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। छात्रों के अभिभावकों ने अपने बच्चों की सुरक्षा और कुशलक्षेम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रेस सचिव ने विदेश मंत्रालय से भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी को सुगम बनाने के लिए निकासी उड़ानों या सुरक्षित यात्रा गलियारों की व्यवस्था सहित आवश्यक राजनयिक और रसद संबंधी उपाय शुरू करने की अपील की।
“पूरे भारत में हजारों माता-पिता ईरान में पढ़ रहे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। सरकार को जल्द से जल्द उनकी सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए,” बयान में कहा गया।
इस अपील में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से छात्रों और उनके परिवारों को समय पर जानकारी और सहायता प्राप्त कराने के लिए समर्पित हेल्पलाइन और समन्वय तंत्र स्थापित करने का भी आग्रह किया गया।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में बढ़ते संघर्ष और विस्फोटों की खबरों के बीच परिवारों में चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते कई संगठनों और माता-पिता ने सरकार से क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की निकासी की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। ([द न्यू इंडियन एक्सप्रेस][1])
बयान में आगे कहा गया कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और समय पर कार्रवाई से चिंतित परिवारों को राहत मिलेगी।

