अनपरा (सोनभद्र)। जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत अनपरा पुलिस की साइबर टीम ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है। पुलिस ने रेनूसागर निवासी राघवेंद्र सिंह के खाते से धोखाधड़ी कर निकाली गई धनराशि में से 3,02,846.40 रुपये उनके मूल बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिए हैं।
फाइल डाउनलोड कराते ही उड़ गए थे ₹6.45 लाख
मामला 21 नवंबर 2025 का है, जब रेनूसागर कॉलोनी निवासी राघवेंद्र सिंह को ठगों ने अपने जाल में फंसाया। साइबर अपराधियों ने उनसे एक संदिग्ध फाइल डाउनलोड करवाई, जिसके जरिए उनके खाते से कुल 6,45,000 रुपये की भारी भरकम राशि पार कर दी गई। पीड़ित ने बिना देर किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 और NCRP पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। तकनीकी घेराबंदी से रुकी रकम पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार के मार्गदर्शन में अनपरा पुलिस तुरंत एक्शन में आई। क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय के नेतृत्व में साइबर टीम ने पोर्टल के जरिए ट्रांजैक्शन ट्रैक किया।
टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई रकम में से 3,02,846.40 रुपये को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड (Hold) करा दिया। साक्ष्य एकत्र करने के बाद बैंकों से पत्राचार कर इस राशि को पीड़ित के खाते में वापस भेज दिया गया। अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा वापस पाकर राघवेंद्र सिंह ने पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
सराहनीय कार्य करने वाली टीम: श्री सत्येंद्र कुमार राय (प्रभारी निरीक्षक, थाना अनपरा, हेड कांस्टेबल आनंद मोहन बिंद (साइबर हेल्प डेस्क, थाना अनपरा) पुलिस की साइबर एडवाइजरी: न करें ये गलतियां अनपरा पुलिस ने आम जनता को जागरूक करते हुए अपील की है सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी फाइल या ऐप डाउनलोड न करें। गोपनीयता बरतें: अपना आधार, पैन, अकाउंट नंबर या OTP कभी साझा न करें। लिंक से बचें: अनजान QR Code स्कैन करने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। तत्काल सूचना: ठगी होने पर तुरंत 1930 डायल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

