अनपरा में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब: 26 झांकियों के साथ निकली भव्य महावीरी शोभायात्रा

अनपरा, सोनभद्र। मंगलवार को ऊर्जांचल की सड़कों पर भक्ति का ऐसा रंग चढ़ा कि भीषण गर्मी भी श्रद्धालुओं के उत्साह को डिगा न सकी। अनपरा बाजार के महावीरी चौक से जब श्री महावीरी शोभायात्रा का आगाज हुआ, तो पूरा क्षेत्र ‘जय श्री राम’ और ‘वीर हनुमान’ के जयघोष से गूंज उठा। रंग-गुलाल और डीजे पर बजते भजनों की धुन पर झूमते भक्तों के हुजूम ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
आकर्षण का केंद्र रहीं 26 भव्य झांकियां
शोभायात्रा में मिर्जापुर, ओबरा और वाराणसी से आए कलाकारों द्वारा तैयार की गई कुल 26 झांकियां आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं।

रूट: महावीरी चौक से शुरू होकर यात्रा डीहबाबा पहुंची, फिर अनपरा शिव मंदिर, काशीमोड़, औड़ीमोड़ और रेनुसागर कोलगेट होते हुए देर रात वापस राम मंदिर पहुंची।समापन: राम मंदिर में विधि-विधान के साथ महावीरी ध्वज की स्थापना की गई। गर्मी और देरी के बीच अटूट रही श्रद्धा
इस बार शोभायात्रा अपने निर्धारित समय से लगभग साढ़े तीन घंटे की देरी से शुरू हुई। वजह: औड़ी, डिबुलगंज और रेनुसागर से आने वाली झांकियों के देरी से पहुंचने के कारण सुबह 11 बजे की यात्रा दोपहर 2:30 बजे रवाना हो सकी।

प्रबंधन: समिति के अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता ने इस देरी पर खेद जताया। प्रशासन के बार-बार आग्रह के बाद यात्रा को गति दी गई। राहत: भीषण उमस और गर्मी को देखते हुए समिति द्वारा जगह-जगह शरबत और शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई थी, जिसने श्रद्धालुओं को बड़ी राहत पहुंचाई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रशासन की सख्ती
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ पिपरी हर्ष पाण्डेय और एसडीएम दुद्धी निखिल कुमार की अगुवाई में आधा दर्जन थानों की पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। कड़ी चेतावनी: पुलिस ने मंच से स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी श्रद्धालु तलवार या फरसा जैसे घातक हथियार लेकर न चले। प्रशासन की सख्ती के बाद, कलाबाजी कर रहे युवाओं को अपने हथियार वापस रखने पड़े। बिजली और परिवहन विभाग का मिला सहयोगजनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने कुछ खास बदलाव किए:

स्मार्ट पावर कट: बिजली विभाग ने पूरे दिन की कटौती के बजाय केवल उसी क्षेत्र की बिजली काटी, जहां से शोभायात्रा गुजर रही थी। इससे स्थानीय निवासियों को अनावश्यक परेशानी नहीं हुई।

    थमा रहा परिवहन: हाईवे पर जाम और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर कोल-राख ट्रांसपोर्ट पूरे दिन बंद रहा। परियोजना प्रबंधन ने भी इसमें पूर्ण सहयोग दिया।

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