मिर्ज़ापुर: दैवीय आपदा प्रबंधन समिति की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक

दैवीय आपदाओ से मौत के मामले में अनिवार्य रूप से कराए पोस्टमास्टर्म -डा0 लालजी प्रसाद निर्मल

बैठक में अनुपस्थित रहने पर अधीक्षण अभियंता विद्युत सोनभद्र व भदोही से स्पष्टीकरण की मांग

मीरजापुर, उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन जांच समिति मा0 सभापति डाॅ लालजी प्रसाद निर्मल की अध्यक्षता एवं मा0 सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, अरविन्द सिंह, विवेक सिंह, बृजेश सिंह, संजय कुमार की उपस्थिति में जनपद भदोही, सोनभद्र एवं मीरजापुर के अधिकारियो के साथ बैठक की गई। बैठक में मा0 सभापति डाॅ लालजी प्रसाद निर्मल ने आपदा से सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा कि दैवीय आपदा से मौत होने विशेषकर सर्पदंश से मौतो के मामले में पोस्टमास्र्टम अनिवार्य रूप कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पोस्टमास्र्टम न होने से परिजनो को सहायता राशि मिलने मे कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बैठक में अधीक्षण अभियंता विद्युत सोनभद्र व भदोही के अनुपस्थित रहने पर दोनो जनदो के जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि अनुपस्थित अधिकारियो से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कार्यवाही करे तथा कृत कार्यवाही से समिति को अवगत भी कराएं।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयो में प्रार्थना सभा के अवसर पर आपदा मित्रो के माध्यम से बच्चो को आपदा से बचाव के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक कराया जाए। उन्होंने तीनो जनदो के अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा कि समिति के द्वारा दिए गए निर्देशो का ससमय पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सोनभद्र/राबर्टसगंज को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित व आपदा प्रभावित क्षेत्रो में बनाए गए रैन बसेरा, अलाव, कूलर व अन्य कार्यो में व्यय धनराशि के बारे में बिन्दुवार आख्या समिति को प्रस्तुत की जाए। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के द्वारा किए गए कार्यो का आडिट कराते हुए आख्या कराए जाने का निर्देश दिया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 व 2025-26 में दैवीय आपदा से दिए गए लाभ के बिन्दुवार समीक्षा की गई। दैवीय आपदा से जुड़े मामलो में जानकारी/जागरूकता बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए। उन्होंने वन क्षेत्र के सीमा विस्तार के बारे में जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि वन क्षेत्र में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय के लोगो को वहां हटाने के पूर्व विभिन्न आवासीय योजना से लाभान्वित करने के पश्चात ही विस्थापित किया जाए। उन्होंने संचारी रोग अभियान में सम्मिलित विभागो के द्वारा एक समेकित अभियान चलाते हुए अभियान को सफल बनाया जाए ताकि लोगो को इससे लाभ मिल सके। फाइलेरिया, डेंगू व मलेरिया रोगो में वृद्धि व कमी हुई है के सम्बध में विगत 05 वर्षो की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां पर एन0डी0आर0एफ0 व एस0डी0आर0एफ0 नही हैं ऐसे जनपदो में होमगार्ड, ग्राम चैकीदार को भी आपदो मित्र के रूप में दैवीय आपदा के कार्य में जोड़ा जाए। राज्य आपदा आयुक्त द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशा निर्देशो का प्रचार प्रसार कराय जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक के द्वारा जन जागरूकता हेतु कराए गए कार्यक्रमो की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पत्थर खदानो एवं ईट भट्ठो के मालिको से समन्वय स्थापित करते हुए वहां पर कार्यरत मजदूरो की समय-समय स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। वायु प्रदूषण की स्थिति व उसे रोकने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। प्राकृतिक संशाधनो से मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव/दुष्प्रभाव की समीक्षा कर रिपोर्ट समिति को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में बाढ़, सर्पदंश व अन्य दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारो को उपलब्ध कराई गई धनराशि के बारे में जानकारी भी ली गई। बैठक में जिलाधिकारी सोनभद्र बद्री नाथ सिंह, मीरजापुर पवन कुमार गंगवार ने मा0 सभापति सहित सभी मा0 सदस्यो को आश्वस्त करते हुए कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशो का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कर समिति को अवगत कराया जाएगा। इसके पूर्व जिलाधिकारी सोनभद्र बद्री नाथ सिंह, मीरजापुर पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिमन्यु मांगलिक, मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक, भदोही अभिनव त्यागी ने मा0 सभापति व मा0 सदस्यगण को पुष्प गुच्छ अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत व अभिनन्दन किया गया।

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