रिपोर्ट : मदन मोहन चंदौली नौगढ़। स्वतंत्रता दिवस पर इस बार नौगढ़ की हसीन वादियों में राष्ट्रभक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी बुलंद होगा। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर काशी वन्य जीव प्रभाग ने नौगढ़ में चार ‘वंदे मातरम् वाटिकाएं’ विकसित करने की पहल की है। 15 अगस्त को सुबह 10 बजे चारों स्थानों पर एक साथ पौधारोपण कर इस अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।
जलप्रपातों की कल-कल के बीच गूंजेगा हरियाली का संकल्प
नौगढ़ के प्रसिद्ध राजदरी और औरवाटाड़ जलप्रपात भी इस अनूठी पहल का हिस्सा बनेंगे। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इन पर्यटन स्थलों पर वाटिकाओं के निर्माण का उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चार स्थानों पर सजेंगी ‘वंदे मातरम् वाटिकाएं’
वन विभाग के अनुसार औरवाटाड़ जलप्रपात में वन क्षेत्राधिकारी संजय श्रीवास्तव, राजदरी जलप्रपात में चंद्रप्रभा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश दुबे, मझिगांई रेंज परिसर में वन क्षेत्राधिकारी मोहन कुमार सिंह तथा हरितिमा पौधशाला स्थित स्मृति उपवन में वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में वाटिकाओं को आकार दिया जा रहा है।
औषधीय पौधों से महकेगा नौगढ़
इन वाटिकाओं में नीम, पीपल, जामुन और बेल सहित विभिन्न उपयोगी एवं औषधीय महत्व वाले पौधे लगाए जाएंगे। विभाग की योजना पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। वाटिकाओं की घेराबंदी, सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था कर पौधों को संरक्षित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
15 अगस्त को एक साथ रोपे जाएंगे 1000 पौधे
DFO बी. शिव शंकर के निर्देश पर 15 अगस्त की सुबह ठीक 10 बजे चारों वाटिकाओं में एक साथ पौधारोपण महाअभियान शुरू होगा। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूली विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स और वन विभाग की टीम की सहभागिता रहेगी। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की शान के साथ हरियाली का संकल्प नौगढ़ की धरती से नई मिसाल पेश करेगा। ‘हर घर तिरंगा’ के साथ ‘हर दिल हरियाली’ का संदेश लेकर शुरू हो रहा यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति संरक्षण की मजबूत नींव रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।

