रिपोर्ट मदन मोहन नौगढ़ चंदौली। गिरिवासी सेवा संस्था के तत्वावधान मेंआज दिनांक 8 मार्च 2026 ग्राम पंचायत सेमरसाधोपुर के वन ग्राम पथरौर में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन किया गया।
संस्था के सचिव रामकृत गुप्ता ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अन्तराष्टीय महिला दिवस का इतिहास 1908 से शुरू होता है, जब न्यूयॉर्क में 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार के लिए मार्च किया था। 1911 में, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। 1917 में, रूस में महिलाओं ने “ब्रेड एंड पीस” के लिए हड़ताल की, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला। 1975 में, संयुक्त राष्ट्र ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक तौर पर मान्यता दी। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व यह है कि यह महिलाओं के अधिकारों और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करता है। यह दिवस महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है।

संस्था के कोआर्डिनेटर अयोध्या ने अपने सम्बोधन में बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिवस महिलाओं के अधिकारों और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। यह दिवस महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भी मनाया जाता है । इस दिवस का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा दिलाना है। यह दिवस महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को समाप्त करने के लिए भी मनाया जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता भवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि
आज हम सभी यहाँ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। महिलाएं हमारे समाज की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। वे परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एक महिला ही माँ, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में अपने कर्तव्यों को निभाते हुए समाज को मजबूत बनाती है।
आज के समय में महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, खेल, राजनीति और हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। फिर भी समाज में कई जगहों पर महिलाओं को समान अवसर नहीं मिल पाता। इसलिए महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकार मिलना चाहिए।
समाजसेवी सुग्रीव यादव ने उपस्थित महिलाओं को उत्साह बढ़ाते हुए जागरूक किया कि वन क्षेत्र के महिलाओं को एकजुट होकर अपने हिस्सेदारी के लिए आवाज उठाने की जरूरत है तभी समाज का बदलाव होगा और हम सभी का कर्तव्य है कि महिलाओं का सम्मान करें, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दें और एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ पुरुष और महिला दोनों को समान अधिकार मिले। जब महिला सशक्त होगी, तभी समाज और देश सशक्त होगा।
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता बिन्दु कुमार ने व धन्यवाद रविन्द्र कुमार केशरी ने किया।
कार्यक्रम में घुरभारी सिंह , राकेश और शामिल गणमान्य नागरिक नर्बदा, मालती, अंजलि, सोमरी, प्रभावती, रीता, उर्मिला, सुरेन्द्र, लालबरत, प्यारेलाल,बुल्लू आदि उपस्थित रहे।

