सरकारी शासकीय उन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालय माझीधनुआ जिला नबरंगपुर , ओडिशा के विद्यार्थी बसंत चंडाल तथा सहयोगी शिक्षक बद्रीनारायण बिस्वाल ने किसानो के लिए स्मार्ट कृषि उपकरण बनाया है।
इस नवाचार की आवश्यकता का कारण विद्यार्थी बसंत चंडाल तथा सहयोगी शिक्षक बद्रीनारायण बिस्वाल ने बताया कि मानव श्रम पर अत्यधिक निर्भरता,मशीनों की ऊँची कीमत, पारंपरिक फसल सुखाने की पुरानी तकनीकों,किसानों के स्वास्थ्य में गिरावट ,घुटने व कमर दर्द की गंभीर समस्या, त्वचा संबंधी समस्याओं ,फेफड़ों की समस्याओं ,आँखों में जलन,बिजली की अनियमितता संबंधित सभी समस्त समस्याओं को किसने आसपास दिन रात देखते थे।
आपने बताया इन सभी समस्याओं का निराकरण हमारा यह अभिनव उपकरण करता है।हमारा यह उपकरण किसान भाइयों को कार्य करने का एक नया और प्रभावी तरीका प्रस्तुत करता है,पारंपरिक चुनौतियों के लिए एक ताज़ा और व्यावहारिक विकल्प है, एक अनोखा मूल्य प्रस्ताव प्रदान करता है, तथा रचनात्मकता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण “एक व्यक्ति – एक मशीन” की अवधारणा पर आधारित है।

इस उपकरण का निरीक्षण करने पर सुशील कुमार जैन ने बताया कि यह अभिनव तकनीक है जो किसानों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाए बिना काम करती है, प्रभावित और अप्रभावित दोनों प्रकार के किसान बिना किसी योग्यता के इसे चला सकते हैं। प्रत्येक किसान के लिए किफ़ायती,बिना किसी तकनीकी ज्ञान के आसानी से संचालित,बिना झुके पैकिंग, छानना, वजन करना और फसल सुखाना—ये सभी कार्य एक साथ और आसानी से करता है।हर एक किसान इसे इस्तेमाल कर सकता हे। जो बिना बिजली से चलता हे। हर एक किसान और हर उम्र का व्यक्ति या महिला इसे चला सकते हैं। इस मशीन द्वारा 10 व्यक्तियों के काम को एक व्यक्ति द्वारा संभव किया जा सकता है । श्रमिक ऊर्जा के साथ-साथ हम हमारे धन के अपव्यय को भी बचा सकते हैं।

