POSH Act, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, निःशुल्क विधिक सहायता समेत कई महत्वपूर्ण कानूनों की दी गई जानकारी
राबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा स्थानीय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राबर्ट्सगंज में वृहद विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 215 छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़े विभिन्न कानूनों की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राहुल ने की। उन्होंने छात्राओं को ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 (POSH Act)’ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी महिला के साथ मानसिक, मौखिक या शारीरिक उत्पीड़न कानूनन गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य है, ताकि पीड़ित महिला बिना किसी भय के अपनी शिकायत दर्ज कर न्याय प्राप्त कर सके।
शिविर में छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम-2005, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, एसिड अटैक, महिला स्वच्छता, सैनिटरी नैपकिन, नशामुक्ति, उपभोक्ता अधिकार, शिक्षा का अधिकार (RTE) तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा-12 के तहत महिलाओं को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान स्थायी लोक अदालत और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के त्वरित एवं सरल समाधान की प्रक्रिया भी समझाई गई। वक्ताओं ने छात्राओं से अपील की कि किसी भी प्रकार के अन्याय या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि कानून का सहारा लेकर अपने अधिकारों की रक्षा करें।
इस अवसर पर डिप्टी चीफ एल.ए.डी.सी. सत्यारमण त्रिपाठी, स्थायी लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह, प्रधानाचार्या वंदना सिंह, शिक्षिकाएं अर्चना सिंह एवं निशा सिंह, पराविधिक स्वयंसेवक दीपन कुमार सहित विद्यालय की 215 छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

