राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राम सुलीन सिंह के निर्देशानुसार मंगलवार को स्थानीय इन्द्रपुरी कॉलोनी स्थित ‘बाल गृह (बालिका)’ का न्यायिक समिति द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण टीम ने आवासित बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा

समिति के सदस्य अपर जनपद न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री अमितवीर सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री राहुल और किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट श्रीमती इन्दू वर्मा ने संयुक्त रूप से संस्थान का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान बाल गृह की अधीक्षिका श्रीमती नीलम सिंह व स्टाफ उपस्थित रहा। अधिकारियों ने परिसर में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता को परखा। पाया गया कि बालिकाओं को मीनू के अनुसार पौष्टिक नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
43 बालिकाएं हैं आवासित
संस्थान में वर्तमान में कुल 43 बालिकाएं और 01 नवजात शिशु रह रहे हैं। इनमें सोनभद्र की 19, मीरजापुर की 20, भदोही की 03 और शाहजहांपुर की 01 बालिका शामिल है। अधिकारियों ने बालिकाओं से बात कर उनकी समस्याओं और मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली।
कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
सचिव श्री राहुल ने बताया कि बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई, जिनमें मुख्य रूप से:
पॉक्सो एक्ट (2012) और घरेलू हिंसा से संरक्षण।
दहेज प्रतिषेध अधिनियम और बाल विवाह निषेध कानून।
मिशन शक्ति (छठवां चरण): महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन हेतु विशेष जानकारी।
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 के तहत मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता।
अधिकारियों ने अधीक्षिका को निर्देशित किया कि बालिकाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही ‘पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना’ के लाभों के प्रति भी जागरूक किया गया।

