श्रम विभाग एवं बाल संरक्षण की टीम ने बाल श्रम मजदूरी करते आठ बाल मजदूरो को अवमुक्त कराकर परिजनों को सौपा

(अनिल कुमार)चुनार। श्रम विभाग एवं बाल संरक्षण की संयुक्त टीम ने बाल श्रम मजदूरी करते आठ बाल मजदूरो को अवमुक्त कराकर परिजनों को सौपा। बाल मजदूरी पर अंकुश लगाने के मकसद से शनिवार को चुनार एवं अदलहाट क्षेत्र में पांच अधिष्ठानों पर छापेमारी की गई। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि न्यू हिन्दुस्तान मोटर्स गैरेज सराय टेकौर में दो बच्चे, सददूपुर मुहल्ला स्थित मनोज मिस्त्री के यहां दो बच्चे, त्रिलोक ऑटो कैलहट बाजार में एक बच्चा, ख़ान आटों सेन्टर बरईपुर में एक बच्चा, मुकेश यदुवंशी ढाबा अचितपुर दो बच्चे मजदूरी करते हुए मिले हैं उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान कुल 8 बाल श्रमिकों को बाल मजदूरी करते हुए पकड़ा गया पकड़े गए बाल श्रमिकों को अवमुक्त करा कर बच्चों के परिजनों के हवाले कर दिया गया है। सभी अधिष्ठानों पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी चुनार ज्ञानेंद्र सिंह व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम के एस आई राम पाल मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में बच्चे कहीं भी बाल श्रम नहीं करेंगे उन्होंने कहा कि 18 साल से कम उम्र से बच्चों से बाल श्रम करना गैर कानूनी अपराध है अगर कोई भी नाबालिग बच्चों से मजदूरी या अन्य कोई कार्य कराते हुए पकड़ा गया तो 3 साल की सजा और 10 से 20 हजार रूपए तक जुर्माना भी किया जा सकता है इतना ही नहीं बच्चों के पुनर्वास के लिए 20 हजार रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी हो सकता है। इस दौरान कांस्टेबल लाल बहादुर, अनुज, कमलेश कुमार मिश्र, महिला एवं बाल विकास संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर दिव्य प्रकाश शुक्ला, रतन मिश्रा, आनन्द कुमार सहित श्रम विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

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