बैंकिंग फ्रॉड और संदिग्ध लेन-देन पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश, CCTV-अलार्म और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर
सोनभद्र। जिले में बैंक शाखाओं और एटीएम की सुरक्षा मजबूत करने के साथ बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। गुरुवार को पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल के नेतृत्व में विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों और अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बैंक शाखाओं, एटीएम और बैंक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संदिग्ध बैंक खातों, असामान्य लेन-देन और साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस और साइबर क्राइम पुलिस तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी की रकम को बचाने और अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिल सके।
CCTV से लेकर अलार्म सिस्टम तक की होगी निगरानी
बैठक में बैंक शाखाओं और एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, सुरक्षा गार्डों की उपलब्धता, अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया। बैंक प्रबंधन को सुरक्षा इंतजामों की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस-बैंक समन्वय से साइबर अपराध पर लगेगा अंकुश
अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ने स्पष्ट किया कि बैंकिंग सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम पुलिस एवं बैंक प्रबंधन की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, असामान्य ट्रांजेक्शन या साइबर फ्रॉड की जानकारी मिलते ही संबंधित पुलिस अधिकारी अथवा साइबर क्राइम पुलिस को तत्काल सूचना देने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में सूचना जितनी जल्दी पुलिस तक पहुंचेगी, कार्रवाई उतनी ही प्रभावी होगी। इसलिए बैंक अधिकारियों और पुलिस के बीच त्वरित सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है।
ग्राहकों को भी किया जाए जागरूक
बैठक में बैंक प्रबंधन को अपने ग्राहकों को साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति लगातार जागरूक करने के निर्देश दिए गए। ग्राहकों को विशेष रूप से OTP, ATM PIN, UPI PIN, पासवर्ड और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करने की सलाह देने पर जोर दिया गया।
पुलिस ने बैंक अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और संदिग्ध गतिविधि सामने आते ही बिना देरी पुलिस को सूचना दी जाए। बैठक का उद्देश्य बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के साथ पुलिस और बैंक प्रबंधन के बीच ऐसा मजबूत समन्वय कायम करना रहा, जिससे साइबर अपराधियों पर प्रभावी शिकंजा कसा जा सके।

