सोनभद्र। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को न्यूनतम स्तर पर लाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुधवार को क्षेत्राधिकारी (यातायात) डॉ. चारू द्विवेदी ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) अभियान के तहत आयोजित इस बैठक में क्रिटिकल कॉरिडोर (CC) टीमों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में प्रमुख रूप से थानों की यातायात और क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों ने हिस्सा लिया। रॉबर्ट्सगंज, चोपन, घोरावल,बभनी बैठक के दौरान इन टीमों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का विवरण लिया गया और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
डॉ. चारू द्विवेदी ने टीम प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने आवंटित क्रिटिकल कॉरिडोर पर विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने निम्नलिखित उल्लंघनों के खिलाफ नियमित चेकिंग अभियान चलाने पर जोर दिया:बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाना। वाहनों की ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाना। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग। सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग।डिजिटल मॉनिटरिंग और ब्लैक स्पॉट का विश्लेषण
सड़क सुरक्षा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सुधारने के लिए सीओ ट्रैफिक ने निर्देश दिए कि: प्रत्येक दुर्घटना का डेटा IRAD/eDAR पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से फीड किया जाए। दुर्घटना के कारणों का सूक्ष्म विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।चिह्नित ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थल) का नियमित निरीक्षण कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय (जैसे साइनबोर्ड, लाइट आदि) सुनिश्चित किए जाएं। “सोनभद्र पुलिस का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना है। जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान के माध्यम से हम हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
डॉ. चारू द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी यातायात पुलिस की इस सक्रियता और कड़े रुख से जनपद में यातायात व्यवस्था में सुधार और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

