सोनभद्र,। देश के विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वालों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले लाखों लोगों के संघर्ष व बलिदान को याद करते हुए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर विभाजन की त्रासदी में दिवंगत लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्य अतिथि राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन संजीव कुमार गोंड ने कहा कि देश का विभाजन भारतीय इतिहास की सबसे पीड़ादायक घटनाओं में से एक है। इस त्रासदी में असंख्य परिवारों ने अपनों को खोया और लाखों लोगों को घर-बार छोड़कर विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। स्मृति दिवस उन सभी के संघर्ष, त्याग और बलिदान को नमन करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा हमें आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का महत्व समझाती है। जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा के भेद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना ही इस त्रासदी के पीड़ितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने कहा कि इतिहास की इस पीड़ा से भावी पीढ़ी को सीख लेने की जरूरत है। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संघर्ष और विभाजन की त्रासदी से परिचित कराकर शांति, सद्भाव और एकता का संदेश देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत रखते हुए ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक को योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक एवं छात्राएं मौजूद रहीं। अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को बनाए रखने का संकल्प लिया।

