कृषि के लिए वरदान सोलर मल्टीपरपज एग्रीकल्चर मशीन
श्री मल्लाप्पा कोनापुरे जूनियर कॉलेज आहेरवाडी, महाराष्ट्र के विद्यार्थी दिनेश निंबणणा वाघमारे सहयोगी शिक्षक नागनाथ बमुनगे के मार्गदर्शन में गहन अनुसंधान कर मल्टी परपज एग्रीकल्चर मशीन बनाई जिसकी लागत मात्र ₹60000 पड़ी है, यह मशीन एक बार की चार्ज करने पर 6 घंटे कार्य करती है।
पर्यावरण संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन द्वारा मल्टी परपज एग्रीकल्चर मशीन के उत्कृष्ट प्रदर्शन बाबत आपको सम्मानित किया गया।
दिनेश निंबणणा वाघमारे सहयोगी शिक्षक नागनाथ बमुनगे ने बताया कि इस मशीन के द्वारा घास कटाई ,पलाव चलाना, किसी भी धान का बुवाई करना, ड्रिंचिग करना, स्प्रिंकलर करना, मल्चिंग पेपर डालना आदि पूरा कार्य कर सकते हैं और यह मशीन पूरी तरह सोलर से भी चलती है।
सोलर मल्टीपरपज एग्रीकल्चर मशीन के मुख्य फायदे हैं कि सौर ऊर्जा का उपयोग करने से ईंधन की लागत समाप्त हो जाती है, जो परिचालन लागत को बहुत कम कर देती है।यह मशीन सौर ऊर्जा पर चलती है, जिससे किसानों को बाहरी ऊर्जा के स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और बिजली कटौती या वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिलता है।पारंपरिक मशीनों की तुलना में इसमें कम उपकरण होते हैं, और यह ज़्यादा टिकाऊ होती हैं, जिससे रखरखाव की लागत कम होती है।यह मशीन प्रदूषण रहित है क्योंकि यह किसी भी जीवाश्म ईंधन का उपयोग नहीं करती है।यह एक साथ कई काम कर सकती है, जिससे खेती के काम तेज़ी से और कुशलता से होते हैं, जिससे उत्पादन दर में वृद्धि होती है।यह मशीन कई तरह के कार्यों को कर सकती है, जैसे बीज बोना और स्प्रे करना, जिससे अकुशल श्रमिकों पर निर्भरता कम होती है। इसे संचालित करना आसान होता है और इसे स्थापित करना भी सरल है।

