(जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी)दुद्धी सोनभद्र शिक्षा रूपी ज्ञान के प्रकाश पूंज से दुद्धी क्षेत्र को आलोंकित करने वाले , छात्र-छात्राओं में कड़े अनुशासन , सेवा, समर्पण, त्याग के दम पर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के दुरूह दुर्गम क्षेत्र से आने वाले शोषित,वंचित पिछड़े व अन्य वर्ग कों शिक्षा का अलख जगाने वाले शिक्षक संघ के अध्यक्ष पूर्व प्रधानाध्यापक सरजू प्रसाद प्रजापति का 90 वर्ष की आयु मे निधन रविवार कों हो गया। नगर पंचायत दुद्धी चेयरमैन कमलेश मोहन की माने तो शिक्षा के लिए सख्त परंतु दिल के मिलनसार स्वर्गीय सरजू प्रसाद प्रजापति गुरु जी का शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में अतुलनीय योगदान रहा है। अपना दल एस विधानसभा अध्यक्ष निरंजन जायसवाल की माने तो वह एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि हमारे गाँव के लिए एक युग का अवसान है।
उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को शिक्षा और संस्कारों के प्रसार में समर्पित कर दिया। मेरे पिता जी की पीढ़ी सहित गाँव/क्षेत्र के अनेक लोगों को उन्होंने शिक्षित किया। आज भी उनके शिक्षक-कार्य, अनुशासन और समर्पण की चर्चा पूरे सम्मान के साथ की जाती है। विंध्यवासिनी प्रसाद पूर्व डीसीएफ सचिव ने कहा की गुरु जी हम सभी को पढ़ाए जब ढ़िबरी और लालटेन का दौर था तब हम सब दूरदिनों में बोरा घर ग्राम धनौरा से लेकर पढ़ने दुद्धी आते थे आज हम सब नौकरी व्यवसाय में जो कुछ हैं वह उनके दिए शिक्षा रूपी दिव्य आशीर्वाद की देन है। नगर पंचायत स्वच्छता मिशन ब्रांड एंबेसडर जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी ने कहा की ज्ञान का प्रसार क्षेत्र में गुरूजी द्वारा किए जाने की देन है कि सब के आशीर्वाद और स्नेह से गुरुजी के घर परिवार बच्चे नाती सब नौकरी पैसे में शिक्षा के पुण्य से शिष्यों द्वारा प्रदान किए गए गुरु दक्षिणा स्वरूप स्वयं ईश्वर ने घर परिवार को धन-धान्य से परिपूर्ण किया। ईश्वर दिवंगत पुण्य आत्मा को श्री चरणों में स्थान दे और दुःख की घड़ी में पारिवारजनों को संबल प्रदान करें। रविवार कों दोपहर में पुत्र के मुखाग्नि उपरांत लौआ नदी के तट पर पंचतत्व में विलीन नश्वर शरीर हों गया।

