स्वास्थ्य मंत्री से सोनभद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की शिकायत, मेडिकल कॉलेज व अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई की उठी मांग

जांच सुविधाओं में देरी, चिकित्सकों की कमी और निजी अस्पतालों की मनमानी पर सौंपा गया ज्ञापन


सोनभद्र। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर काशी क्षेत्र मीडिया प्रभारी विपिन तिवारी ने उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन में सोनभद्र मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और जिले में संचालित निजी अस्पतालों व अवैध क्लीनिकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए व्यापक सुधार और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि सोनभद्र मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जैसी आवश्यक जांचों के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है, जिससे गंभीर मरीजों का समय पर इलाज प्रभावित हो रहा है। संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मजबूर होकर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
ज्ञापन में जिले में बिना मानकों के संचालित निजी अस्पतालों और अवैध क्लीनिकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आरोप लगाया गया कि कई संस्थान आवश्यक नियमों और लाइसेंस संबंधी मानकों की अनदेखी कर मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। ऐसे अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।


विपिन तिवारी ने कहा कि सोनभद्र एक आदिवासी एवं पिछड़ा जनपद है, जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री से अपेक्षा जताई गई कि जनहित से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर शीघ्र संज्ञान लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि जिले के लाखों लोगों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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