सोनभद्र। सस्ते श्रृंगार प्रसाधन (कॉस्मेटिक) सामग्री बेचने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का सोनभद्र की साइबर सेल और थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद चलाए गए अभियान में फर्रुखाबाद और मैनपुरी के तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
रामगढ़ बाजार में टेलर का काम करने वाले आशीष कुमार के साथ अज्ञात जालसाजों ने सस्ते दाम पर श्रृंगार का सामान दिलाने का लालच देकर 85,000 रुपये की ठगी की थी। इसमें से 20,000 रुपये यूपीआई (UPI) के जरिए और शेष राशि नकद ली गई थी। पीड़ित के भतीजे गोविंद कुमार ने 27 फरवरी, 2026 को NCRP पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने में बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी और ‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल से खुला राज विवेचना के दौरान साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण, प्रतिबिम्ब पोर्टल और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की मदद ली। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर एक एर्टिगा कार की पहचान हुई, जिसका उपयोग ठगी की वारदात में किया गया था।
घेराबंदी कर दबोचे गए अभियुक्त
9 मार्च को सटीक सूचना के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उक्त एर्टिगा कार को रोका और उसमें सवार तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है:
- मोहम्मद रजा (निवासी: नया गनी, फर्रुखाबाद)
- शोएब खां (निवासी: नया गनी, फर्रुखाबाद)
- जीशन (निवासी: रसूलाबाद, मैनपुरी)
सराहनीय रही पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी, हेड कांस्टेबल शिवनन्दन सिंह, संजय वर्मा, कांस्टेबल अखिलेश कुमार यादव, सुनील रावत और अभिषेक तिवारी शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क और उनके द्वारा की गई अन्य ठगी की वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
पुलिस की अपील: ऑनलाइन किसी भी लुभावने ऑफर या सस्ते सामान के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को नकद या यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने से पहले पूरी जांच-परख कर लें।

