सोनभद्र। जनता और पुलिस के बीच विश्वास कायम करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस कार्यालय में ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा ने जनपद के विभिन्न कोनों से आए फरियादियों की समस्याओं को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ सुना और उनके निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
जमीनी विवाद और साइबर ठगी के मामले रहे प्रमुख
जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यथा सुनाई। जनता दर्शन में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट, गुमशुदगी और साइबर धोखाधड़ी से संबंधित प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। राजस्व से जुड़े मामलों में पुलिस अधीक्षक ने पुलिस और राजस्व विभाग के आपसी समन्वय से विधिक निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
एसपी अभिषेक वर्मा ने प्रत्येक शिकायत का स्वयं संज्ञान लिया और मौके पर ही संबंधित क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को फोन कर शिकायतों के निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पीड़ितों को की गई कार्यवाही से समय पर अवगत कराया जाए ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा पीड़ित के उत्पीड़न या कार्य में शिथिलता की पुष्टि होती है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
“आमजन की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान ही सोनभद्र पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनसुनवाई के माध्यम से हम पुलिस और जनता के बीच के संवाद और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ कर रहे हैं।” > — अभिषेक वर्मा, पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र
पुलिस अधीक्षक ने मातहतों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है, उनमें बिना देरी किए प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

