एंटी-वेनम कीट होने सर्पगंज होने पर बचेगी जान…
किसानों के बच्चे अब नियमित रूप से जा सकेंगे स्कूल
ज़ेडपीएचएस गर्ल्स हाई स्कूल, तेलंगाना की विद्यार्थी मेटपल्ली,जगतियाल, सहयोगी शिक्षक आई. सतीश कुमार के साथ अनुसंधान कर मल्टी पर्पज़ क्रॉप प्रोटेक्टर बनाया है। पर्यावरण संस्कृतिक ट्रस्ट अध्यक्ष सुशील कुमार जैन को मेटपल्ली,जगतियाल, सहयोगी शिक्षक आई. सतीश कुमार ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक देश है। भारत की कुल जनसंख्या का लगभग 50% हिस्सा छोटे किसानों और उनके परिवारों से बना है। किसान अपनी फसलों को पक्षियों, बंदरों तथा जंगली सूअरों से बचाने के लिए दिन-रात खेतों की रखवाली करते हैं, जिससे उन पर समय और पैसे का भारी बोझ पड़ता है।
हमने देखा है कि कई छात्र, जिनमें मैं भी शामिल हूँ, स्कूल छोड़कर खेतों की रखवाली करने जाते हैं। मेरे पिता भी एक छोटे किसान हैं और खेती करते समय कई समस्याओं का सामना करते हैं। वे कीटनाशकों पर काफी खर्च करते हैं और फसल की सुरक्षा में बहुत समय लगाते हैं। कई बार हमें भी स्कूल नहीं जा पाते क्योंकि हमें भी फसल को बंदरों, पक्षियों और जंगली जानवरों से बचाना पड़ता है।
इन सभी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए मैंने अपनी बायोलॉजी शिक्षक से विचार साझा किया और उनके सुझावों से हमने मल्टीपर्पज़ क्रॉप प्रोटेक्टर बनाया।
इसमें एक फर्स्ट एड किट भी लगाई गई है जिसमें कॉटन, आयोडीन, बैंडेज आदि सामग्री रखी गई है, क्योंकि खेतों में कई बार किसानों के पैर में कांच या नुकीली वस्तुएँ चुभ जाती हैं। इस फर्स्ट एड किट में एंटी-वेनम भी उपलब्ध है, क्योंकि भारत में हर वर्ष सर्पदंश के कारण हज़ारों लोगों की मृत्यु होती है। यदि 4 घंटे के भीतर एंटी-वेनम दे दिया जाए तो व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। यह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी है। पर्यावरण संस्कृति ट्रस्ट अध्यक्ष सुशील कुमार जैन द्वारा उत्कृष्ट मल्टी पर्पज़ क्रॉप प्रोटेक्टर बनाने बाबत आप सभी को सम्मानित किया।

