क्षेत्राधिकारी डॉ. चारु द्विवेदी ने की मासिक समीक्षा; जे.जे. एक्ट और पॉक्सो मामलों पर दिए कड़े निर्देश
सोनभद्र (चुर्क) उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (महिला सम्मान प्रकोष्ठ) के आदेशों के अनुपालन और पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के कुशल निर्देशन में सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन चुर्क स्थित सभागार कक्ष में एक महत्वपूर्ण मासिक समीक्षा व समन्वय बैठक आयोजित की गई। क्षेत्राधिकारी यातायात/लाइन डॉ. चारु द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एसजेपीयू (SJPU) और एएचटी (AHT)की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु और कार्ययोजना
बैठक का मुख्य केंद्र बालकों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना और पीड़ित बच्चों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाना रहा। चर्चा के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर जोर दिया गया। बाल संरक्षण एवं कानून: कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों, देखरेख की आवश्यकता वाले बालकों और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। पॉक्सो एक्ट का अनुपालन: डॉ. चारु द्विवेदी ने निर्देशित किया कि पॉक्सो मामलों में प्रारूप (क) एवं (ख) को समयबद्ध तरीके से भरा जाए और पीड़िताओं को अविलंब बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी: किशोर न्याय बोर्ड (JJB) द्वारा जारी समन की शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित करने और विवेचकों के समक्ष आ रही तकनीकी व व्यावहारिक समस्याओं के त्वरित समाधान पर विचार-विमर्श हुआ।
विभागीय समन्वय पर जोर
क्षेत्राधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है। बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों (CWPO) को निर्देशित किया गया कि वे संवेदनशील मामलों में पूरी तत्परता और सहानुभूति के साथ कार्य करें।
बैठक में इन विभागों की रही उपस्थिति
इस उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में जनपद के विभिन्न महत्वपूर्ण इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य अभियोजन अधिकारी एवं किशोर न्याय बोर्ड (JJB)के सदस्य जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट श्रम विभाग एवं वन स्टॉप सेंटर के प्रतिनिधि AHT, SJPU और जनपद के समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी निष्कर्ष: बैठक के अंत में डॉ. चारु द्विवेदी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि बाल अपराधों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिशन शक्ति और बाल सुरक्षा अभियानों को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने का संकल्प दिलाया गया।

