सोनभद्र, । संचारी रोगों की रोकथाम और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर उच्च जोखिम वाले ग्रामों में माइक्रोप्लान के अनुसार विशेष अभियान चलाकर ग्रामीणों को संक्रामक रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के तहत गांवों में साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, खराब हैंडपंपों का चिन्हीकरण एवं मरम्मत, नालियों की सफाई तथा बुखार, कुष्ठ, फाइलेरिया, क्षय, डायरिया समेत अन्य संक्रामक रोगों के संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है। अभियान में सफाईकर्मी, पंचायत सहायक, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी रही।
अब तक विद्यालयों में 2,076 संचारी रोग जागरूकता रैलियां, ग्राम स्तर पर 621 प्रभात फेरियां और 623 ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। वहीं 3,067 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई, 2,944 हैंडपंपों की मरम्मत, 1,142 हैंडपंप चबूतरों की मरम्मत और 801 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की 1,673 और शहरी क्षेत्रों की 1,648 नालियों की सफाई के साथ 144 नगरीय वार्डों में फॉगिंग भी कराई जा चुकी है।
इसके अलावा 259 सूकर पालकों का संवेदीकरण और 629 कृतंक नियंत्रण गोष्ठियां आयोजित की गई हैं। दस्तक अभियान के तहत सोमवार को 45 बुखार के मरीज चिन्हित किए गए तथा 25 लोगों की आरडीटी किट से जांच की गई। अब तक 5,321 बुखार रोगियों का चिन्हीकरण और 5,133 आरडीटी जांच की जा चुकी हैं, जिसमें 12 मलेरिया धनात्मक मरीज मिले हैं।
अभियान में आईएलआई के लक्षण वाले 699, डायरिया के 230 संभावित मरीज और 14 कुपोषित बच्चों की पहचान हुई है। उपचार के लिए 210 कुपोषित बच्चों को संदर्भित किया गया है। क्षय, कुष्ठ एवं कालाजार के संदिग्ध मरीजों की भी नियमित निगरानी और सर्वेक्षण किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने लोगों से घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव रोकने, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने तथा बुखार या संक्रामक रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की है।

