अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस पर गूंजा न्याय का संकल्प


“निष्पक्ष, त्वरित और पारदर्शी न्याय व्यवस्था ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत” — डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की संगोष्ठी में अधिवक्ताओं का आह्वान


सोनभद्र,। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस के अवसर पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए), सोनभद्र द्वारा शुक्रवार को डीबीए सभागार में एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार यादव ने की, जबकि संचालन चतुर्भुज शर्मा एडवोकेट ने किया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि न्याय केवल अपराधियों को दंडित करने का माध्यम नहीं, बल्कि पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा, मानवाधिकारों के संरक्षण, विधि के शासन की स्थापना और समाज में न्याय के प्रति विश्वास कायम रखने का सशक्त आधार है।
वक्ताओं ने बदलते दौर में न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, त्वरित, सुलभ एवं तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के समय पर न्याय मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता रियाजुद्दीन खान ने कहा कि न्यायपालिका, अधिवक्ताओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण व्यवस्था का निर्माण संभव है। उन्होंने अधिवक्ताओं से न्याय के मूल्यों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने संविधान के आदर्शों, विधि के शासन एवं मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस न्याय, समानता और मानव गरिमा के मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन अधिवक्ताओं के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर सुरेश सिंह कुशवाहा, दसरथ पाण्डेय, राजेंद्र कुमार यादव, टीटू प्रसाद गुप्ता, मोहम्मद याकूब, अनूप कुमार शुक्ला, संतोष कुमार यादव, कर्मबीर सिंह, आदर्श देव पांडेय सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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