सोनभद्र। आदिवासी बाहुल्य सोनभद्र जिले के पिछड़ापने की पहचान को खत्म कर विकसित व सुव्यवस्थित सोनभद्र बनाने के लिए योगी सरकार युद्ध् स्तर पर प्रयास कर रही है। पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सरकार ने यहां निवेश अनुकूल माहौल बनाया जिसके बाद बड़ी कंपनियों ने निवेश कर बदलाव की नींव तो रख दी है। जनपद में विकास कार्य भी तेजी से चल रहे हैं। इसी कड़ी में उद्योगों को गति प्रदान करने के लिए शासन ने 4 मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए बजट जारी किए जाने की संस्तुति की है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए जिले में लगभग 66.44 किमी. की 4 सड़कों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त एवं वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में जनपद की 4 सड़कों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण से संबंधित 166.92 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए बजट जारी किए जाने की संस्तुति की है। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया संपन्न कराने के साथ ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। बताया कि इन सड़कों के बन जाने से चार राज्यों की सीमा से घिरे सोनभद्र की दूसरे जनपदों से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई का समय और लागत (लॉजिस्टिक्स कॉस्ट) कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सड़कों के निर्माण का लाभ उद्योगों के साथ-साथ आम-जनमानस को भी मिलेगा। अभी आवागमन में काफी समय लगता है लेकिन सड़क निर्माण के बाद मिनटों में यह सफर तय किया जा सकेगा साथ ही मार्ग में होने वली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
इन सड़कों का कराया जाएगा निर्माण
जिलाधिकारी ने बताया कि चोपन-कोटा-कोन-खरौंदी मार्ग का सुदृढ़ीकरण लगभग 43.84 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। इसके साथ ही वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाइवे 5-ए के सुदृढ़ीकरण व सतह सुधार पर लगभग 58.15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बताया कि आरएस रोड से कोदरा टोला मार्ग का सुदृढ़ीकरण लगभग 26.09 करोड़ रुपये से कराया जाएगा मुर्धवा-म्योरपुर-बभनी-चपकी-बीजपुर मार्ग का सुदृढ़ीकरण लगभग 38.82 करोड़ रुपये से कराया जाएगा।

