50 खेत तालाब बनेंगे, ई-लॉटरी से होगा लाभार्थियों का चयन; डीएम बोले— पारदर्शिता और गुणवत्ता से होगा योजनाओं का क्रियान्वयन
सोनभद्र। जनपद में भूमि एवं जल संरक्षण कार्यों को गति देने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति एवं डब्ल्यूसीडीसी समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि एवं जल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी रॉबर्ट्सगंज ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत जनपद के 1000 हेक्टेयर बीहड़, बंजर एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का उपचार कराया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (खेत तालाब योजना) के तहत 50 लघु खेत तालाबों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे वर्षा जल का संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि खेत तालाब योजना के लाभार्थियों का चयन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ई-लॉटरी प्रणाली से पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना, अनुपयोगी भूमि को कृषि योग्य बनाना तथा किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराना है। खेत तालाब बनने से वर्षा जल का बेहतर संचयन होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और किसानों की खेती अधिक लाभकारी बनेगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति ने बैठक में प्रस्तुत सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, उप कृषि निदेशक राजकुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला कृषि अधिकारी वीरेन्द्र कुमार, सहायक अभियंता (लघु सिंचाई), भूमि संरक्षण अधिकारी रॉबर्ट्सगंज एवं चोपन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

