अनुपस्थित या शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों का वेतन होगा अवरुद्ध, प्रशासनिक कार्रवाई भी तय
सोनभद्र। जनपद में जनशिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, विलंब या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी स्वयं प्रतिदिन ऑनलाइन समीक्षा कर अधिकारियों की जवाबदेही तय करेंगे।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक जिला मुख्यालय, तहसील, विकास खंड, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं अन्य संबंधित कार्यालयों में प्राप्त जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कार्यालयों की ऑनलाइन निगरानी एवं समीक्षा करेंगे।
उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय पर अपने-अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ऑनलाइन समीक्षा के दौरान यदि कोई अधिकारी अनुपस्थित पाया गया या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब करता मिला तो उसका वेतन अवरुद्ध करने के साथ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों को उनकी शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना है। इसलिए जनसुनवाई को केवल औपचारिकता न मानते हुए प्रत्येक शिकायत का प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी स्वयं इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

