वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने दिया संदेश— “एक लोटा पानी बचाकर करें जल संरक्षण की शुरुआत”
नौगढ़ (मदन मोहन)सोनभद्र । काशी वन्य जीव प्रभाग, रामनगर के प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर के निर्देशन में भू-जल सप्ताह (16 से 22 जुलाई 2026) के अंतर्गत मंगलवार को जयमोहनी रेंज द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिठिया में वृहद जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ “जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित” संदेश वाले बैनर के अनावरण के साथ हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने कहा कि यदि नौगढ़ का प्रत्येक नागरिक प्रतिदिन केवल “एक लोटा पानी” बचाने का संकल्प ले, तो जल संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर भविष्य में आने वाले जल संकट को काफी हद तक टाला जा सकता है।
उन्होंने बताया कि पेयजल, कृषि और उद्योगों का प्रमुख आधार भू-जल है, लेकिन लगातार बढ़ते दोहन के कारण इसका स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। यदि वर्षा जल का संरक्षण और भू-जल रिचार्ज पर अभी से गंभीरता से कार्य नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में वन विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के पाँच सरल उपाय बताए। इनमें ब्रश या हाथ धोते समय नल को अनावश्यक खुला न छोड़ना, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करना, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना, खेतों में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाना तथा पानी के रिसाव को तत्काल ठीक कराना शामिल रहा।
वन दरोगा वीरेंद्र पांडे ने भू-जल के अत्यधिक दोहन से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए जल संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक लाल बहादुर मौर्य ने वन विभाग की पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे जल संरक्षण का संदेश अपने घरों और गांव तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम के समापन पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने जल बचाने तथा पानी का अपव्यय रोकने की सामूहिक शपथ ली। उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया।

