सोनभद्र में फूटा आदिवासियों का गुस्सा! “हमारी जमीन वापस करो” – संदीप मिश्र

सोनभद्र। जिले के पोखरिया, अड़गुड़ और बसुहारी गांवों में ‘पेड़ हैं तो प्राण हैं’ अभियान के तहत सैकड़ों ग्रामीण परिवारों को आम के पौधे वितरित किए गए। इस दौरान सभी लोगों ने पौधों को अपने परिवार के सदस्य की तरह लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर भी ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया।
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने आरोप लगाया कि कंपनियों ने ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों को यह कहकर जमीन का एग्रीमेंट कराया कि भूमि केवल किराए पर ली जा रही है, लेकिन बाद में जमीन पर कब्जे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा आदिवासी परिवारों की जमीन वापस दिलाने की मांग की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ‘पेड़ हैं तो प्राण हैं’ अभियान के जिला संयोजक रामसुरत सिंह खरवार ने आरोप लगाया कि अबाटा, अडानी, ग्रीनको एवं जेएसडब्ल्यू जैसी कंपनियों से जुड़े लोगों ने ग्रामीणों को डराकर, धमकाकर तथा कथित रूप से शराब पिलाकर उनकी जमीनों का एग्रीमेंट करा लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदिवासी परिवारों की जमीन वापस नहीं की गई तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। साथ ही कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर आदिवासी समाज का साथ नहीं दिया तो आने वाले चुनाव में समाज लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।
ग्रामीण नेता प्रहलाद खरवार ने कहा कि गांव के लोगों को यह कहकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए कि जमीन किराए पर लेकर सोलर प्लांट लगाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाकर ग्रामीणों के साथ छल किया गया और उनकी जमीनों का एग्रीमेंट करा लिया गया। कार्यक्रम में रीता चादनी, रामबदन खरवार, मुन्ना खरवार, जोगेन्द्र यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

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