पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला, आरोप तय होने के महज 4 माह 4 दिन में पूरी हुई सुनवाई
सोनभद्र। दो नाबालिग बच्चियों से गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में सोनभद्र की पॉक्सो अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए अभियुक्त अली फैयाज उर्फ फैज पुत्र सलीमुद्दीन अंसारी, निवासी अनपरा को दोषसिद्ध कर शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं में अभियुक्त पर कुल 73 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनभद्र ओमकार शुक्ला की अदालत ने थाना अनपरा के मुकदमा अपराध संख्या 70/2026 में सुनाया।
अभियोजन के अनुसार अभियुक्त ने दो नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर उनके साथ लैंगिक अपराध किया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m), 65(2), 75(1)(i), 351(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(m)/6, 5L/6, 9L/10 एवं 9m/10 के तहत आरोप विरचित किए गए थे।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पीड़िताओं के महत्वपूर्ण बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य, जन्मतिथि से संबंधित दस्तावेज, पुलिस विवेचना और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों के समग्र परीक्षण के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।
न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, पीड़िताओं पर पड़े प्रभाव और समाज पर उसके दुष्प्रभाव को ध्यान में रखते हुए कठोर दंड को आवश्यक माना। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है।
आरोप तय होने के 4 माह 4 दिन में फैसला
इस मामले की सबसे अहम बात यह रही कि अभियुक्त पर आरोप विरचित होने के बाद महज 4 माह 4 दिन में सुनवाई पूरी कर दोषसिद्धि के साथ सजा सुना दी गई। पॉक्सो जैसे गंभीर अपराध में त्वरित सुनवाई के जरिए पीड़िताओं को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में अदालत का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मामले में राज्य की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

