जिला टास्क फोर्स की बैठक में विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश, जून-जुलाई में 33 बाल श्रमिक चिन्हित
सोनभद्र। जनपद को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में बाल एवं किशोर श्रमिकों के चिन्हांकन, रेस्क्यू, पुनर्वासन और जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। संबंधित विभागों को अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि शासन की प्राथमिकता के तहत प्रदेश के सभी जनपदों को वर्ष 2027 तक, जबकि आकांक्षी जनपदों समेत 16 जनपदों को 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित किया जाना है। इसी क्रम में सोनभद्र में श्रम विभाग, एएचटी और Association for Voluntary Action के समन्वय से जागरूकता और रेस्क्यू अभियान चलाए जा रहे हैं।
दो माह में 33 बाल श्रमिक चिन्हित, 27 संस्थानों पर कार्रवाई
अभियान के तहत जून और जुलाई माह में 33 बाल एवं किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया, जबकि 27 संस्थानों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की गई। बैठक में चिन्हित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनके आर्थिक एवं शैक्षणिक पुनर्वासन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
621 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य
प्रशासन ने जनपद के 10 विकासखंडों की 621 ग्राम पंचायतों, छह नगर पंचायतों और एक नगर पालिका को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर की बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तरीय समितियों के माध्यम से प्रस्ताव पारित कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद जिला स्तरीय समिति प्रस्तावों का अनुमोदन करेगी।
बंधुआ मजदूरी और बेघर बच्चों पर भी नजर
बैठक में बाल एवं किशोर श्रमिकों के साथ बंधुआ श्रमिकों, सड़क पर रहने वाले और बेघर बच्चों के चिन्हांकन, बचाव और पुनर्वासन पर भी चर्चा हुई। गठित टीमों और नामित नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारियों की जानकारी देते हुए सभी संबंधित विभागों को रेस्क्यू एवं पुनर्वासन अभियान में प्रभावी सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
श्रम विभाग को विकासखंड अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों, पंचायत सचिवों और अधिशासी अधिकारियों के साथ समन्वय कर बाल श्रम मुक्त प्रस्ताव पारित कराने के लिए आवश्यक बैठकें आयोजित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, क्षेत्राधिकारी, डिप्टी सीएमओ, डीएलएसए प्रतिनिधि, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि, पुलिस विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर, जिला कौशल प्रबंधन, बीडीओ प्रतिनिधि, जिला पूर्ति विभाग, एएचटी, श्रम विभाग और एनजीओ प्रतिनिधियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।

