सोनभद्र,। नक्सल प्रभावित एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने को लेकर बुधवार को पुलिस लाइन चुर्क स्थित कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में नक्सल समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रूणवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और नियमित कॉम्बिंग एवं एरिया डोमिनेशन पर विशेष जोर दिया गया।
गोष्ठी में सोनभद्र के पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ सीमावर्ती जनपद मीरजापुर और चन्दौली के अधिकारियों ने भी सहभागिता की। बैठक में नक्सल गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ने निर्देश दिया कि नक्सल प्रभावित एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित कॉम्बिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाए जाएं। पुलिस टीमें क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों से संवाद भी प्राथमिकता में रखा जाए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुना जाए और उनके यथासंभव समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाए। ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उनसे अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं और किसी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या वस्तु की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को दें।
बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को और सुदृढ़ करने, पुलिस एवं प्रशासनिक विभागों के बीच प्रभावी समन्वय कायम रखने तथा महत्वपूर्ण सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान सहित कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. सुमन कुमार जायसवाल, महेन्द्र प्रताप यादव, प्रभारी निरीक्षक स्थानीय अभिसूचना इकाई सोनभद्र सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

