पुलिस-प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, अतिक्रमणकारियों ने टीम पर किया पथराव; कई कर्मचारी घायल
मदन मोहन(चंदौली)। नौगढ़ उप वन प्रभाग के ग्राम भरदुआ स्थित भैसोड़ा कंपार्टमेंट संख्या-14 में करीब 30 हेक्टेयर सरकारी वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ बुधवार को पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने अतिक्रमण हटाकर वन भूमि को कब्जामुक्त कराया और वहां अवैध रूप से बोई गई मिर्च व धान की फसल को रोटावेटर चलाकर नष्ट कर दिया। इसके बाद भूमि को पुनः वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव की सूचना तथा डीएफओ रामनगर के संज्ञान के बाद जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने वन भूमि को हर हाल में कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए थे। निर्देश के अनुपालन में एसडीएम अमरचंद वर्मा, सीओ देवेंद्र कुमार, तहसीलदार राहुल सिंह तथा नौगढ़, चंद्रप्रभा और मझगांई रेंज की वन टीम मौके पर पहुंची।
चार जेसीबी से खोदी गई सुरक्षा खाई
अतिक्रमण हटाने के बाद भविष्य में दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए चार जेसीबी की मदद से क्षेत्र में सुरक्षा खाई (ट्रेंच) भी खुदवाई गई। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक संवेदनशील क्षेत्र में अब 24 घंटे गश्त की व्यवस्था की जाएगी।
कार्रवाई का विरोध, टीम पर पथराव
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से नाराज कुछ लोगों ने पुलिस और वन विभाग की टीम पर पथराव तथा लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में वन दरोगा प्रशांत, वनरक्षक मुलायम, भोला, प्रमोद, दैनिक कर्मचारी मंजू सहित तीन-चार लेखपाल घायल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर होगी कार्रवाई
डीएफओ बी. शिवशंकर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वनकर्मियों पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम अमरचंद वर्मा ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और शांति भंग करने के आरोप में हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वहीं रेंजर अमित श्रीवास्तव ने कहा कि वन भूमि राष्ट्रीय संपत्ति है। इस पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अतिक्रमण हटाने के साथ गंभीर आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप
करीब 30 हेक्टेयर वन भूमि को कब्जामुक्त कराने और सुरक्षा खाई खोदे जाने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वन क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

