सरकार प्रायोजित योजनाओं की पत्रावलियां 15 दिन से अधिक लंबित न रखने को कहा
सोनभद्र,। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक हुई। बैठक में ऋण जमा अनुपात (सीडी रेशियो) समेत विभिन्न सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की बैंकवार समीक्षा की गई।
सीडी रेशियो की समीक्षा के दौरान सीडीओ ने कहा कि जनपद का औसत ऋण जमा अनुपात वर्तमान में 46 प्रतिशत है, जिसे निर्धारित 60 प्रतिशत के मानक तक पहुंचाने के लिए बैंकों को अधिक से अधिक ऋण वितरित करना होगा। उन्होंने 46 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले बैंकों के नियंत्रक कार्यालय, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), एसएलबीसी एवं संस्थागत वित्त को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एमवाईएसवाई, एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी), मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, माटीकला योजना, स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), पीएम स्वनिधि और पीएम सूर्य घर योजना की लंबित पत्रावलियों की समीक्षा की गई।
अधिक पेंडेंसी वाले बैंकों को कड़े निर्देश देते हुए सीडीओ ने कहा कि शाखा स्तर पर किसी भी पत्रावली को 15 दिनों से अधिक लंबित न रखा जाए। 15 दिन से अधिक लंबित पत्रावलियों वाले बैंकों की सूची संबंधित विभाग को उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के जिला विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठकों में बैंकों के नामित जिला समन्वयक ही प्रतिभाग करें और सरकार प्रायोजित योजनाओं की लंबित पत्रावलियों का पूरा विवरण साथ लेकर आएं। प्रत्येक लंबित पत्रावली के संबंध में स्पष्ट कारण भी प्रस्तुत करना होगा।
अग्रणी जिला प्रबंधक ने जिला समन्वयकों को शाखाओं से नियमित संपर्क बनाए रखने, लंबित पत्रावलियों की अद्यतन स्थिति रखने और अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। ऋण वितरण के बाद संबंधित विवरण तत्काल पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया, ताकि सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में प्रगति दिखाई दे।
बैठक में डीडीएम नाबार्ड, उपायुक्त एनआरएलएम, जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक, पशु चिकित्सा अधिकारी, डीआईसी प्रतिनिधि, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंकों के जिला समन्वयक मौजूद रहे

