चकरघट्टा पावर हाउस की मनमानी से जनता त्रस्त, रोस्टिंग और ब्रेकडाउन के नाम पर 24 घंटे से कई गांव अंधेरे में

रिपोर्ट मदन मोहन नौगढ़ चंदौली। विद्युत वितरण उपकेंद्र चकरघट्टा में रोस्टिंग और ब्रेकडाउन के नाम पर की जा रही कथित कटौती और बिजली कर्मचारियों की तानाशाही रवैये से स्थानीय ग्रामीण बुरी तरह हलकान हैं। जेई के कथित संरक्षण और पावर हाउस पर तैनात कर्मचारी विष्णु गुप्ता की देखरेख में चल रही अव्यवस्था के कारण क्षेत्र के सोनवार, तिवारीपुर, देवदत्तपुर, हृदहवा, गढ़वा, लक्ष्मणपुर और बरवाडीह सहित दर्जनों गांवों में पिछले 24 घंटे से बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली न आने से क्षेत्र में पेयजल का संकट गहरा गया है। रात-दिन अंधेरे में बिताने को मजबूर लोग जब समस्या की जानकारी लेने के लिए पावर हाउस या लाइनमैन को फोन करते हैं, तो कोई फोन उठाने को तैयार नहीं होता।
पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि पावर हाउस पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी विष्णु गुप्ता से संपर्क करने पर वह समस्या का समाधान करने के बजाय अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कर्मचारी का साफ कहना है कि “यहीं से बात करो, यदि ज्यादा कहोगे तो लाइट बिल्कुल नहीं लगेगी, जो करना है कर लो, लाइन इसी तरह चलेगी।”
एक तरफ जहां प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों में बेहतर विद्युत आपूर्ति के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की इस मनमानी से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। रोस्टिंग के नाम पर बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों लाइन काट दी जाती है और विरोध करने पर उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर धमकाया जाता है।
क्षेत्रीय निवासियों ने उच्च अधिकारियों व जिला प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, चकरघट्टा पावर हाउस पर व्याप्त अव्यवस्था को दूर करने और तानाशाही रवैया अपनाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।

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