अनपरा तापीय परियोजना: मजदूरों का फूटा गुस्सा, बकाया भुगतान और शोषण के खिलाफ प्रदर्शन

सोनभद्र। अनपरा तापीय परियोजना के ऐश हैंडलिंग डिवीजन (DTPS) में कार्यरत मेसर्स डी.सी.आई. पी.एस. के मजदूरों ने बुधवार को अपनी मांगों और कंपनी के कथित शोषण के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी न तो समय पर वेतन दे रही है और न ही नियमानुसार सुविधाएं प्रदान कर रही है।

वेतन कटौती और त्यौहार पर खाली हाथ

प्रदर्शनकारी मजदूरों ने बताया कि 15 अप्रैल को कंपनी द्वारा केवल मार्च महीने का आधा वेतन ही उनके खातों में भेजा गया। मजदूरों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि होली जैसे बड़े त्यौहार पर भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया। इसके अलावा, कंपनी द्वारा न तो उन्हें ‘पेमेंट स्लिप’ दी जा रही है और न ही पीएफ (PF) जमा होने का कोई प्रमाण दिया जा रहा है।

पद के साथ धोखाधड़ी का आरोप

मजदूरों ने एक गंभीर आरोप यह लगाया कि वे ऑपरेटर’ के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन कंपनी ने उनके गेट पास ‘हेल्पर’ के रूप में बनाए हैं। जब मजदूरों ने इस विसंगति को लेकर सक्षम अधिकारियों से शिकायत की, तो उन्हें सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई और काम से निकालने की धमकी दी गई।

सीटू (CITU) का समर्थन: सरकार और प्रबंधन पर हमला

जिला संविदा श्रमिक यूनियन (सीटू) के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने मजदूरों की जायज मांगों का समर्थन करते हुए परियोजना प्रबंधन और सरकार को आड़े हाथों लिया।
न्यूनतम वेतन एक ‘जुमला’ पाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मार्च 2024 में 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की घोषणा की थी, जो अब तक केवल ‘जुमला’ साबित हुई है। महंगाई के मौजूदा स्तर को देखते हुए मजदूरी 26,000 रुपये होनी चाहिए। कानून का उल्लंघन: उन्होंने कहा कि श्रम कानून के अनुसार हर महीने की 7 से 10 तारीख तक भुगतान हो जाना चाहिए, लेकिन यहाँ प्रबंधन की लापरवाही साफ दिख रही है। ऑपरेटर से हेल्पर का काम लेना पूरी तरह गैर-कानूनी है। दमन की निंदा नोएडा में मजदूरों पर हुए दमन की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि 2018 में ही मजदूरी का रिवीजन होना था, लेकिन सरकार केवल आवाज दबाने में लगी है। अनपरा परियोजना में फैला भ्रष्टाचार न केवल मजदूरों को आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है, बल्कि परियोजना के भविष्य को भी बर्बाद कर रहा है। प्रबंधन तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता बुलाकर इन समस्याओं का समाधान करे। प्रमुख उपस्थितिविरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से नंदलाल यादव, रामसुभग, पी. रमन, अशोक गुप्ता, दशरथ प्रजापति, रेडी गुप्ता, रामअशीष, देवचन, दशरथ जैश्री, रामाशंकर समेत भारी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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