सोनभद्र: छत्तीसगढ़ हादसे में जान गंवाने वाले तीन मजदूरों के शव पहुँचते ही गांव में मचा कोहराम, एक साथ उठी तीन अर्थियाँ

कोन (सोनभद्र)। छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने सोनभद्र के एक गाँव की खुशियाँ छीन ली हैं। बुधवार सुबह जब अलग-अलग एम्बुलेंस से तीन मजदूरों के शव कोन थाना क्षेत्र के पीपरखाड़ गांव पहुंचे, तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और समूचे गांव में मातम पसरा हुआ है।

बॉयलर विस्फोट ने ली तीन जिंदगियां

जानकारी के अनुसार, पीपरखाड़ गांव के रहने वाले **राजू राम (40), बृजेश (31) और पंकज (25) रोजी-रोटी की तलाश में छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मजदूरी करने गए थे। बीते दिनों प्लांट में अचानक हुए बॉयलर विस्फोट की चपेट में आने से इन तीनों की दर्दनाक मौत हो गई थी। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आज सुबह शव गांव पहुंचे।

पांडु नदी घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल बेहद गमगीन हो गया। दोपहर में कचनरवा स्थित पांडु नदी घाट पर तीनों मृतकों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक ही गांव के तीन युवकों की अर्थियाँ एक साथ उठते देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

गांव में पसरा सन्नाटा

मृतकों में पंकज की उम्र महज 25 वर्ष थी, जबकि राजू राम और बृजेश अपने परिवार के मुख्य आधार थे। इस हादसे ने तीन परिवारों को पूरी तरह उजाड़ दिया है। गांव के लोगों में इस घटना को लेकर गहरा शोक है और हर कोई पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने में जुटा है।

ये भी पढ़िए