2,008 स्कूलों में जागरूकता रैली, 1,914 बुखार के मरीज चिन्हित, घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य टीम
सोनभद्र, 18 जुलाई। जनपद में संक्रामक रोगों की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने अभियान को और तेज कर दिया है। 1 जुलाई से संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 11 जुलाई से दस्तक अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष साफ-सफाई, स्वास्थ्य सर्वेक्षण और जनजागरूकता कार्यक्रम युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर तैयार माइक्रोप्लान के अनुसार गांवों और शहरी क्षेत्रों में झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, खराब हैंडपंपों की मरम्मत, फॉगिंग, शौचालय निर्माण, कृतंक नियंत्रण और सूकर पालकों को जागरूक करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, पंचायत सहायकों, सफाईकर्मियों एवं ग्राम प्रधानों की टीम घर-घर पहुंचकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपाय बता रही है।
अभियान के तहत अब तक 2,008 विद्यालयों में जागरूकता रैलियां, 367 प्रभात फेरियां और 416 ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। वहीं 1,612 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई, 1,520 हैंडपंपों की मरम्मत, 646 हैंडपंप चबूतरों का सुधार, 445 शौचालयों का निर्माण, 856 ग्रामीण एवं 887 शहरी नालियों की सफाई, 78 नगरीय वार्डों में फॉगिंग, 143 सूकर पालकों का संवेदीकरण तथा 349 कृतंक नियंत्रण गोष्ठियां आयोजित की गई हैं। दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बुखार, मलेरिया, क्षय रोग, कुष्ठ, आईएलआई (खांसी-जुकाम), डायरिया और कुपोषण से प्रभावित लोगों की पहचान कर रही हैं। अब तक 1,914 बुखार के मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं तथा 1,828 आरडीटी जांचें की गई हैं। चिन्हित मरीजों को आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, जलभराव न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा बुखार या अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। प्रशासन का कहना है कि जनसहभागिता से ही संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

