गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नवाचार पर डीआईओएस जयराम सिंह का फोकस

30 प्रमुख बिंदुओं पर प्रधानाचार्यों के साथ हुई विस्तृत समीक्षा बैठक


सोनभद्र (जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी)। जनपद की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय सभागार में राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने की। इसमें समग्र शिक्षा समन्वयक अरविन्द सिंह चौहान सहित सभी राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।
बैठक में ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट छात्रों को पुनः विद्यालय से जोड़ने तथा शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
डीआईओएस जयराम सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने सभी विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, नैतिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का आदर्श केंद्र बनाने का आह्वान किया।
बैठक में लगभग 30 विभागीय बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। इनमें यू-डायस प्लस, स्वयं पोर्टल, खान अकादमी, इंस्पायर अवार्ड, आई-गॉट मिशन कर्मयोगी, अपार आईडी, समग्र शिक्षा, ईको क्लब, पौधारोपण अभियान, नामांकन, बोर्ड परीक्षा-2027 की तैयारी, परीक्षा केंद्र निर्धारण, खेल एवं युवा कल्याण, मिशन शक्ति, स्काउट-गाइड, छात्रवृत्ति, शिक्षक दिवस, पुस्तक वितरण, दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाएं, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, ऑनलाइन उपस्थिति, विद्यालय भवन निर्माण, पुस्तकालय संचालन एवं करियर काउंसलिंग सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
समग्र शिक्षा समन्वयक अरविन्द सिंह चौहान ने सभी विद्यालयों को डिजिटल पोर्टलों पर समयबद्ध सूचना अपडेट करने तथा डिजिटल लर्निंग और नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान डीआईओएस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं प्रेरणादायक वातावरण विकसित करने, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण और नैतिक शिक्षा को भी समान प्राथमिकता देने पर बल दिया।
उन्होंने बोर्ड परीक्षा-2027 की तैयारियां अभी से युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि सोनभद्र का परीक्षा परिणाम प्रदेश में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर सके। बैठक के अंत में सभी प्रधानाचार्यों ने शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।

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