हाथीनाला सड़क हादसा ‘संस्थागत हत्या’, सोई हुई है भाजपा सरकार: मृदुल मिश्रा

(रँगेश सिंह)सोनभद्र। वाराणसी–शक्तिनगर मार्ग पर हाथीनाला के पास हुए भीषण सड़क हादसे, जिसमें दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, उसे लेकर अब राजनीति गरमा गई है। युवा कांग्रेस के जिला महासचिव मृदुल मिश्रा ने इस घटना को साधारण हादसा न मानकर भाजपा सरकार और प्रशासन की संपरिवर्तित लापरवाही’और ‘संस्थागत हत्या’ करार दिया है।


“मौत का हाईवे” बना वाराणसी–शक्तिनगर मार्ग

प्रेस को जारी बयान में मृदुल मिश्रा ने कहा कि वाराणसी–शक्तिनगर मार्ग आज “मौत का हाईवे” बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आए दिन हो रही दुर्घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री संजीव सिंह गोंड पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया कि उनके अपने क्षेत्र में सड़कों की हालत इतनी जर्जर क्यों है। “क्या मंत्री जी को केवल कुर्सी बचाने और दिखावटी राजनीति से ही फुर्सत नहीं मिल पा रही है? अगर समय रहते सड़क का चौड़ीकरण और डिवाइडर जैसे सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो आज दो जिंदगियां जिंदा नहीं जलतीं।” — मृदुल मिश्रा, महासचिव, युवा कांग्रेस

युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें


मृदुल मिश्रा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं। फोरलेन निर्माण: वाराणसी–शक्तिनगर मार्ग का तत्काल चौड़ीकरण शुरू हो। सुरक्षा मानक: दुर्घटना संभावित मोड़ों पर डिवाइडर, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं। मुआवजा: मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को निलंबित कर उन पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

युवा कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि अब केवल जांच और मुआवजे के आश्वासन से काम नहीं चलेगा। यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

ये भी पढ़िए