सोनभद्र। जनपद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम् मिशन के तहत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का आगाज किया गया है। जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने जनपद के विद्वानों, संस्थानों और निजी संग्रहकर्ताओं से अपनी पाण्डुलिपियाँ साझा करने की अपील की है।
इनसे की गई है अपील
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के गौरवशाली इतिहास से संबंधित पाण्डुलिपियों के संकलन हेतु सर्वेक्षण चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत निम्नलिखित से सहयोग की अपेक्षा है। संस्थान: निजी संस्थान, संस्कृत पाठशालाएं, मंदिर, मठ, आश्रम और गुरुकुल, विद्वान: पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, आयुर्वेदाचार्य, संग्रहकर्ता: ऐसे महानुभाव जिनके पास संस्कृत, प्राचीन भाषाओं या स्थानीय इतिहास से संबंधित पाण्डुलिपियों का निजी संग्रह उपलब्ध है।
यहाँ जमा कराएं विवरण
इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं अपनी पाण्डुलिपियों का विवरण या संग्रह 15 अप्रैल, 2026 की शाम 05:00 बजे तक निम्नलिखित स्थानों पर उपलब्ध करा सकते हैं। पहला स्थान: जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, विकास भवन, कक्ष संख्या-57, सोनभद्र। दूसरा स्थान: जिला सूचना कार्यालय, कक्ष संख्या-32, कलेक्ट्रेट भवन, सोनभद्र। यह अभियान सोनभद्र की प्राचीन विधाओं और ज्ञान को सुरक्षित रखने और शोध के नए अवसर खोलने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित जनों से इस पुनीत कार्य में सहयोग देने का आह्वान किया है।

