स्कूलों में लापरवाही पर अब होगी सख्त कार्रवाई, डीएम ने दिए कड़े निर्देश

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का हर सप्ताह होगा निरीक्षण, अधिकारियों की टीम करेगी व्यवस्थाओं की जांच

सोनभद्र, 19 अगस्त। जनपद के विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था, मिड-डे मील, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, विद्युत, फर्नीचर समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय को निर्देशित किया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन के साथ सभी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

हर सप्ताह होगी स्कूलों की जांच

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी को प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रभावी निरीक्षण के लिए अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए। टीम में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और खंड शिक्षा अधिकारी को शामिल किया जाएगा। यह टीम विद्यालयों का साप्ताहिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखेगी।
निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, पठन-पाठन की गुणवत्ता, विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर और मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
मिड-डे मील में लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर विशेष सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता अथवा वितरण व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी विद्यालय में अनियमितता या व्यवस्था में कमी मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
माध्यमिक विद्यालयों से डिग्री कॉलेज तक समीक्षा
बैठक में माध्यमिक विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय, आईटीआई संस्थानों और डिग्री कॉलेजों की शिक्षा व्यवस्था एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं प्रधानाचार्यों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण के साथ विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। सभी अधिकारी नियमित अनुश्रवण करते हुए व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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