14,612 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, शेष 5,388 करोड़ के लक्ष्य के लिए विभागवार जिम्मेदारी तय
सोनभद्र,। जिले को निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5.0) में सोनभद्र को मिले 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में निवेश प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा के साथ शेष लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जीबीसी-5.0 के लिए जिले को 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 33 परियोजनाओं के माध्यम से 14,612 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर आने से करीब 4,068 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। अब प्रशासन का फोकस शेष 5,388 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जुटाने पर है।
इसके लिए पर्यटन विभाग को 1,040 करोड़, प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित क्षेत्र को 1,000 करोड़, पेट्रोल पंप क्षेत्र को 500 करोड़, नए नर्सिंग होम एवं स्वास्थ्य संस्थानों को 500 करोड़, राइस मिल और डेयरी इकाइयों के लिए 200-200 करोड़ तथा आबकारी विभाग को 200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल करने का लक्ष्य दिया गया है। अन्य विभागों को भी उनकी संभावनाओं के अनुरूप लक्ष्य सौंपे गए हैं।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश प्रस्ताव केवल एमओयू तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें तेजी से धरातल पर उतारा जाए। संभावित निवेशकों से लगातार संवाद और समन्वय करते हुए आवश्यक एनओसी एवं विभागीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि निवेश प्रक्रिया सरल और तेज हो सके। उन्होंने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य की प्राप्ति से सोनभद्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। नए उद्योग एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की स्थापना से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अधिकारियों को निवेश सारथी पोर्टल पर संबंधित लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अजय कुमार मिश्रा, पर्यटन अधिकारी राजेश भारती, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, उद्यमी मित्र नितिन प्रकाश समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

