काम दिलाने के बहाने युवती को ₹1.20 लाख में बेचा; दरिंदगी से पीड़िता हुई गर्भवती
सोनभद्र।जनपद में मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक युवती को नौकरी का झांसा देकर आगरा और अलीगढ़ में बेच दिया था।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्ताओं ने पीड़िता को अच्छा काम दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उसे विभिन्न जनपदों से होते हुए आगरा और अलीगढ़ ले जाया गया, जहाँ उसे ₹1,20,000 में बेच दिया गया। पुलिस पूछताछ में यह दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ कि पीड़िता को अलग-अलग व्यक्तियों के पास रखा गया, जहाँ उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण किया गया। इस दरिंदगी के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई है।
घेराबंदी कर की गई गिरफ्तारी
क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर सिंह के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर ग्राम पवर में घेराबंदी की। रविवार, 12 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने घटना में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्ताएं बिन्दु (35 वर्ष): पत्नी बसन्तु, निवासी ग्राम पाड़र (पन्नूगंज), हाल पता सहिजन कला, सोनी (30 वर्ष पत्नी दिनेश, निवासी ग्राम गेंगुआर, हाल पता पवर रॉबर्ट्सगंज
संगठित गिरोह का खुलासा
जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक सुनियोजित और संगठित गिरोह है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। “जनपद पुलिस मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस टीम की भूमिका इस महत्वपूर्ण सफलता में उप-निरीक्षक रणजीत सिंह, हेड कांस्टेबल विनोद भारती, संजीव राय और महिला कांस्टेबल आराधना की अहम भूमिका रही। पुलिस ने दोनों महिला आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय में पेश किया है।

