निःशुल्क कानूनी सहायता बनी बंदी की ताकत, पॉक्सो मामले में अभियुक्त दोषमुक्त

सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक निर्धन एवं असहाय बंदी को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सोनभद्र की अदालत में विचाराधीन सत्र परीक्षण संख्या 99/2023 में अभियुक्त रामसकल उर्फ सिपाही बैगा को 26 अगस्त 2026 को दोषमुक्त कर दिया गया।
रामसकल उर्फ सिपाही बैगा पुत्र रामपति बैगा, निवासी खरहरा टोला अमिला, थाना जुगैल, सोनभद्र, वर्ष 2022 से जिला कारागार सोनभद्र में निरुद्ध था। उसके विरुद्ध थाना जुगैल में धारा 376 आईपीसी एवं ¾ पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र की ओर से निर्धन बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराते हुए डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सत्यारण त्रिपाठी को प्रभावी पैरवी के लिए नियुक्त किया गया। अधिवक्ता ने अभियुक्त की ओर से न्यायालय में प्रभावी जिरह करते हुए उसका पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सोनभद्र की अदालत ने 26 अगस्त को अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल से एक निर्धन एवं असहाय बंदी को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त हुई और उसे न्यायिक प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।
यह जानकारी राहुल, सिविल जज सी0डि0/सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा दी गई।

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