नाबालिग से दुष्कर्म और विरोध करने पर बहन को रेलवे ट्रैक पर धक्का देने का मामला, पीड़िताओं के पुनर्वास के लिए अर्थदंड का आधा हिस्सा देने का आदेश
सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ओमकार शुक्ला की अदालत ने दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के चर्चित मामले में अभियुक्त रमाशंकर निवासी बेलहत्ठी टोला पिरहवा, थाना हाथीनाला को दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष तक के कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार 26 जनवरी 2025 को अभियुक्त ने एक नाबालिग बालिका के साथ अश्लील हरकत कर दुष्कर्म किया। घटना का विरोध करने पर पीड़िता की छोटी बहन को जान से मारने की धमकी देते हुए रेलवे ट्रैक पर धक्का दे दिया, जिससे उसका दाहिना पैर पंजे के ऊपर से कट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। मामले में थाना हाथीनाला में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने चिकित्सीय परीक्षण, आयु प्रमाण, एफएसएल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दोषी करार दिया।
न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम के तहत 10 वर्ष, बीएनएस की धारा 117(3) में 15 वर्ष, धारा 74 में 2 वर्ष तथा धारा 351(2) में 1 वर्ष के कठोर कारावास के साथ विभिन्न धाराओं में कुल ₹46,000 का अर्थदंड लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता तथा शेष आधी राशि घायल बालिका के पुनर्वास के लिए दिए जाने का भी आदेश दिया। राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

