सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार गुरुवार को अपर जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेन्द्र यादव ने जिला कारागार सोनभद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर का आयोजन कर बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
अपील के लिए मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता
निरीक्षण के दौरान सचिव शैलेन्द्र यादव ने सिद्धदोष (सजायाफ्ता) बंदियों से एक-एक कर संवाद किया। उन्होंने बताया कि यदि कोई बंदी आर्थिक तंगी के कारण प्राइवेट वकील करने में असमर्थ है, तो वह जेल अधीक्षक के माध्यम से अपीलीय न्यायालय में निःशुल्क विधिक सहायता के तहत अपील दायर कर सकता है। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की सूचना तत्काल संबंधित न्यायालय को दी जाए।
बैरकों और सुविधाओं का लिया जायजा
एडीजे ने कारागार की पाकशाला (रसोई), पाठशाला, नवनिर्मित महिला बैरक, पुरुष बैरक और चिकित्सालय का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने कड़ाके की ठंड को देखते हुए बंदियों के लिए किए गए इंतजामों और साफ-सफाई की स्थिति परखी। बंदियों से उनके स्वास्थ्य और खान-पान के बारे में भी पूछताछ की गई। हालांकि, किसी भी बंदी ने किसी विशेष समस्या की शिकायत नहीं की।
जेल की वर्तमान स्थिति
निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। वर्तमान में जेल में कुल 773 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें से 635 विचाराधीन और 138 सिद्धदोष बंदी हैं। सचिव ने लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया और नालसा (NALSA) द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण के अंत में अपर जनपद न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को कारागार में पाई गई लघु कमियों को तत्काल सुधारने के कड़े निर्देश दिए।

