दुद्धी (ऋषभ सिंह))सोनभद्र जिले के दुद्धी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गुलालझरिया गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल शिक्षा विभाग के एक संविदा कर्मी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जाँच और कार्रवाई की माँग की है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा कर्मी का बीते दिनों सड़क हादसा हुआ था। हादसे के बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद कुछ दलालों ने उन्हें बेहतर इलाज का झांसा देकर बहला-फुसलाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में न केवल इलाज में कोताही बरती गई, बल्कि आर्थिक रूप से भी उनका शोषण किया गया। अंततः उपचार के दौरान संविदा कर्मी की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। दुद्धी कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामला संवेदनशील है और परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जाँच की उठी माँग
मृतक के परिजनों का कहना है कि यदि उन्हें समय रहते सरकारी अस्पताल में सही इलाज मिलता या बहकावे में न लाया गया होता, तो शायद आज वे जीवित होते। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर सक्रिय दलालों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए और उन निजी अस्पतालों की गहन जांच हो जो मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। इस घटना के बाद से क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जाँच करने की अपील की है।

